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What is Schools of Hindu Law? Difference between Mitakshara Dayabhag

Schools of Hindu Law :-School means rules and principles of Hindu Law Which are divided into opinion. It is not codified. There are two Schools of Hindu Law-(a) Mitakshara(b) Dayabhaga Mitakshara School prevails throughout India except in Bengal. It is a running commentary on the code of Yagnavalkya. Mitakshara is an orthodox School whereas the […]

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Sources Of Hindu Law Origin of Hindu Law Ancient Sources or Modern Sources

(Sources Of Hindu Law) (1) Ancient Sources (2) Modern Sources (1) Ancient Sources:-(1)Shruti (2)Smarties (3)Commentaries and Digest, (4)Custom. (2) Modern Sources:-(1) Precedent (2) Legislation (3) Equity Justice and Good Conscious. (1)Shruti:-Shruti means “what is heard“. It is believed that the rishis and munis had reached the height of spirituality where they were revealed the knowledge

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मानहानि से आप क्या समझते है ? इसके प्रकार कौनसे है ? मानहानि के बचावों की व्याख्या निजता पर आक्रमण को समझाते हुए कीजिए ?

:-किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को क्षति कारित करना मानहानि है। यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति की प्रतिष्ठा को क्षतिग्रस्त करता है. तो ऐसा वह स्वयं अपने जोखिम पर करता है। किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा उसकी सम्पत्ति है. और वह अन्य सम्पत्ति की अपेक्षा अधिक मूल्यवान हो सकती है। :-मानहानि की विभिन्न विधिशास्त्रियों द्वारा भिन्न-भिन्न

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संविदा से आप क्या समझते है? विधिमान्य संविदा के आवश्यक तत्वों का उल्लेख करे?

:-भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 2 (ज) में ‘संविदा’ की परिभाषा दी गई है। इसके अनुसार- “वह करार जो विधितः प्रवर्तनीय हो, संविदा है।” [An agreement enforceable by law is a contract.] सरल शब्दों में यह कहा जा सकता है कि विधि द्वारा प्रवर्तनीय करार संविदा है। :-विभिन्न विधिवेत्ताओं ने संविदा की अपनी-अपनो परिभाषाएँ

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प्रतिफल किसे कहते हैं?परिभाषा से समझायें?

:-भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 25 में प्रारम्भ से ही घोषित किया गया है कि प्रतिफल के बिना किया गया करार शून्य है। :-इंग्लैण्ड में भी “बिना प्रतिफल के दिये गये वचन प्रवर्तक नही होते,क्योकि वे आनुग्रहिक होते हैं। Rann v Hughes :-परिभाषा:- प्रतिफल को कई प्रकार से परिभाषित किया गया है। :-सबसे सरल परिभाषा

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प्राचीन हिन्दू विधि में विवाह के प्रकार ? विवाह कितने प्रकार के होते हैं?

प्राचीन हिन्दू विधि में विवाह के आठ रूप प्रचलित थे: जिनमें से सन् 1955 के पूर्व केवल तीन ही मान्य थे; ब्रह्म, असुर और गंधर्व। :-हिन्दू विवाहों को दो भागों में बांटा गया था-अनुमोदित विवाह इसके अन्तर्गत आते हैं, ब्रह्म, अर्श, दैव और प्रजापत्य और नियमित इसके अन्तर्गत आते हैं, गांधर्व, असुर, राक्षस और पैचाश

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हिन्दू विधि की प्रमुख शाखा ? मिताक्षरा शाखा व दायभाग शाखा में अन्तर?

हिन्दू विधि की निम्न दो शाखायें हैं– (1) मिताक्षरा शाखा, और (2) दायभाग शाखा । मिताक्षरा शाखा की निम्न चार उपशाखायें हैं- (क) वाराणसी उपशाखा, (ख) मिथिला उपशाखा, (ग) महाराष्ट्र या बम्बई उपशाखा, और (घ) द्रविड़ या मद्रास उपशाखा । मिताक्षरा और दायभाग विज्ञानेश्वर की टीका ‘मिताक्षरा’ के नाम पर मिताक्षरा शाखा और जीमूत वाहन

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मनुस्मृति क्या है?मनु कौन है? What is Manusmriti?Who is Manu?

मनुस्मृति – स्मृतियों में मनुस्मृति का सर्वोच्च स्थान है। यह खेद की बात है कि हम यह नहीं जानते हैं कि मनुस्मृति के संकलनकर्ता और महान ऋषि मनु कौन थे। हम यह जानते हैं कि मनु को कभी उन्हें बुद्ध मनु और कभी उन्हें आदि-मानव कहा गया है। हो सकता है, मनु एक काल्पनिक नाम

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वैधता (Validity) के अनुसार मुस्लिम विवाहों के प्रकार Types of Muslim marriages according to validity: There are three types of marriages based on belief.मान्यता के आधार पर विवाह तीन प्रकार के हो सकते हैं,

:- वैधता (Validity) मान्यता के आधार पर विवाह तीन प्रकार के हो सकते हैं, (1) शून्य (void: बातिल) विवाह, (2)(अनियमित) irregular या अमान्य (फासिद) विवाह, (3) valid (मान्य: वैध सही) विवाह। (1) शून्य (बातिल) विवाह -निरपेक्ष असमर्थता वाले पक्षकारों द्वारा किये गये विवाह अर्थात् रक्त सम्बन्ध विवाह सम्बन्ध अथवा धात्रेय सम्बन्ध के कारण निषिद्ध विवाह

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मुस्लिम विवाह और हिन्दू विवाह में अन्तर क्या है What is the difference between Muslim marriage and Hindu marriage

:-चूंकि मुस्लिम विवाह सारतः एक संविदा है, इसलिये वह हिन्दू विवाह से भिन्न होता है। :-मूल हिन्दू विधि में विवाह एक संस्कार माना जाता था, जिसे बड़ा धार्मिक महत्व दिया गया है। मूल हिन्दू विधि के अन्तर्गत विवाह मांस का मांस से और अस्थि का अस्थि से संयोग माना जाता है, और स्त्री पति की

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