Judicial Separation in Hindu Law?
न्यायिक पृथक्करण (Judicial Separation):- हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 10 के अनुसार विवाह के पक्षकारों में से कोई पक्षकार चाहे विवाह इस अधिनियम से पहले हुआ हो या उसके पश्चात जिला न्यायालय को धारा 13 की उपधारा (1) में और यदि पत्नी है तो उपधारा (2) में दिए गए आधारों में से किसी भी […]
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