संघ और उसका राज्यक्षेत्र (The Union and it’s Territory)

CHAPTER 4 The Union and its Territory Article 1. Name and Territory of the Union (1) India, that is Bharat, shall be a Union of States. (2) The State and the territories thereof shall be as specified in the First Schedule. (3) The teritory of India shall comprise:- (a) the territories of the States; (b) […]

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बंधुआ मुक्ति मोर्चा बनाम भारत संघ और अन्य (Bandhua Mukti Morcha v. Union of India, (1984)

बंधुआ मुक्ति मोर्चा बनाम भारत संघ और अन्य (AIR 1984 SC 8029) बैंच में न्यायमूर्ति पी.एन. भगवती, आर.एस.पाठक एवं ए. एन. सेन थे। बंधुआ मुक्ति मोर्चा बनाम भारत संघ मामला मूलतः एक जनहित याचिका का मामला था। सुप्रीम कोर्ट ने बाल श्रम को खत्म करने के प्रयास में कालीन व्यवसाय द्वारा बाल श्रम के उपयोग

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Olga Tellis v. Bombay Municipal Corporation, (1985) (ओल्गा टैलिस बनाम बोम्बे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन व अन्य)

ओलगा टेलिस बनाम बोम्बे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन व अन्य • बैंच:- (AIR 1986 उच्चतम न्यायालय 1801 बेंच में मुख्य न्यायाधिपति वाई.वी.चंद्रचूड़,एस मुर्तजा, फजल अली, वी.डी.तुलजापुरकर,ओचिनप्पा रेड्डी व वर्धराजन थे) ओल्गा टैलिस बनाम बोम्बे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन व अन्य के मामले में उच्चतम न्यायालय ने देश के मुंबई महानगर की कच्ची व गंदी बस्तियों व पटरियों पर निवास

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प्रतिफल किसे कहते हैं ?प्रतिफल के आवश्यक तत्व व प्रमुख वाद

प्रतिफल धारा-2(घ) (Consideration) • धारा-2(घ) में प्रतिफल को परिभाषित किया गया है। • धारा-2(घ) के अनुसार “जबकि वचनदाता की वांछा पर वचनगृहीता या कोई अन्य व्यक्ति कुछ कर चुका है या करने से विरत रहा है या करता है या करने से प्रविरत रहता है या करने का या करने से प्रविरत रहने का वचन

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प्रस्थापनाओं की संसूचना, प्रतिग्रहण और प्रतिसंहरण ?

• अध्याय-1 प्रस्थापनाओं की संसूचना, प्रतिग्रहण और प्रतिसंहरण के विषय में प्रावधानित है इस अध्याय का विस्तार धारा-3 से 9 तक है। • धारा-3 प्रस्थापनाओं की संसूचना, प्रतिग्रहण और प्रतिसंहरण विषयक उपबंध प्रोज्योजित किया जाता है । • प्रस्थापना की परिभाषा भा.सं.अधि. 1872 की धारा-2(क) की दी गयी है। • धारा-2(क) के अनुसार” जबकि एक

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क्या वकालत के साथ दूसरा व्यवसाय कर सकते हैं? वकालत की बजाय चाय की दुकान चलाता था, 50 हजार रु. जुर्माना और 3 साल के लिए सदस्यता रद्द

• मामला :- BCR (Bar Council of Rajasthan) की अनुशासनात्मक समिति ने कौंसिल में Enrolled वकील द्वारा वकालत करने की बजाय चाय का व्यवसाय करने वाले को अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा 35 का उल्लंघन माना है। वहीं ऐसा करने वाले दोषी वकील दुर्गा शंकर सैनी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए उसकी

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का इतिहास अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर विवाद? AMU Minority Status SC Court

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का इतिहास :- 1817 में दिल्ली के सादात (सैयद) खानदान में सर सैयद अहमद खान का जन्म हुआ। 24 साल की उम्र में सैयद अहमद मैनपुरी में उप-न्यायाधीश बन गए। इस समय ही उन्हें मुस्लिम समुदाय के लिए अलग से शिक्षण संस्थान की जरूरत महसूस हुई। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी शुरू करने से

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रेग्यूलेटिंग एक्ट 1773 की विशेषता और उसके प्रावधान व प्रमुख दोष?

केवल व्यापार के उद्देश्य से भारत में दस्तक देने वाली ईस्ट इण्डिया कंपनी ने शनैः-शनैः भारत में अपना प्रभुत्व स्थापित कर लिया। व्यापार के साथ-साथ प्रशासन एवं न्याय व्यवस्था में भी कंपनी का दखल बढ़ता चला गया। ब्रिटिश शासन कंपनी के इस विस्तार से चिन्तित था, अतः उसने कंपनी पर नियन्त्रण स्थापित करने का मानस

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असावधानी (उपेक्षा) की परिभाषा और इसके आवश्यक तत्व

असावधानी अर्थात् उपेक्षा को अनवधानता एवं लापरवाही के नाम से भी सम्बोधित किया जाता है। परिभाषा-असावधानी (उपेक्षा) को कई तरह से परिभाषित किया गया है। विनफील्ड के अनुसार “उपेक्षा एक अपकृत्य के रूप में सावधानी बरतने के विधिक कर्तव्य का उल्लंघन है जिसके परिणामस्वरूप प्रतिवादी के न चाहने पर भी वादी को क्षति कारित होती

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प्रतिनिधिक दायित्व (Vicarious Liability) क्या है? भारत में इसके उदाहरण

सामान्यतया किसी भी कार्य के लिए वही व्यक्ति उत्तरदायी होता है जिसके द्वारा वह कार्य किया जाता है। कोई अन्य व्यक्ति ऐसे कार्य के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन यह कोई अबाध अथवा निरपेक्ष नियम नहीं है। कई बार एक व्यक्ति के कार्य के लिए किसी दूसरे व्यक्ति को भी उत्तरदायी ठहराया जा

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